भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसे देख कर लगता है कि अब इतनी जल्दी कोरोना हमारी ज़िंदगी से नहीं निकलने वाला है, क्योंकि ये वायरस अब हमारे देश और दुनिया में जड़ें जमा चुका है, और इधर सरकार ने लाकडाउन को खत्म करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सरकार एक निश्चित समय तक ही लाकडाउन रख सकती है, धीरे धीरे लाकडाउन खत्म करना ही पड़ेगा । इसका मतलब हमें कोरोना के साथ ही जीना सीखना होगा ।
ये तो आप समझ लें कि सरकार 24 घंटे 365 दिन आपकी चौकीदारी नहीं करेगी। सरकार ने आपको कोरोना बीमारी के बारे में अवगत करा दिया है, सोशल डिस्टैंसिंग, हैण्ड सेनिटाइजेशन इत्यादि सब समझा दिया है,बीमार होने के बाद की स्थिति भी आप लोग देश और दुनिया में देख ही रहे है। आपको आगे लंबे समय तक अपनी दिनचर्या, काम करने का तरीका बदलना होगा । अब अपना एवं अपने परिवार का भविष्य आपके हाथ में है। लॉकडाउन खुलने के बाद सोच समझ कर घर से निकले एवं काम पर जाये...व नीयत नियमानुसार ही अपना कार्य करें।
ये तो आप समझ लें कि सरकार 24 घंटे 365 दिन आपकी चौकीदारी नहीं करेगी। सरकार ने आपको कोरोना बीमारी के बारे में अवगत करा दिया है, सोशल डिस्टैंसिंग, हैण्ड सेनिटाइजेशन इत्यादि सब समझा दिया है,बीमार होने के बाद की स्थिति भी आप लोग देश और दुनिया में देख ही रहे है। आपको आगे लंबे समय तक अपनी दिनचर्या, काम करने का तरीका बदलना होगा । अब अपना एवं अपने परिवार का भविष्य आपके हाथ में है। लॉकडाउन खुलने के बाद सोच समझ कर घर से निकले एवं काम पर जाये...व नीयत नियमानुसार ही अपना कार्य करें।
कैसे करें ?
हमे स्वयं इस वायरस से लड़ना पड़ेगा, अपनी जीवन शैली में बदलाव करके, अपनी इम्युनिटी स्ट्रांग करके।
हमे सैकड़ों साल से चली आ रही पुरानी जीवन शैली अपनानी पड़ेगी।
1.शुद्ध आहार लें, भोजन शुद्ध मसालों के साथ बना ही खाएं, बजार के बने मसाले, मैदा, चीनी, नमक, बिस्कुट, मैदे से बना हर सामान लेना बंद कर दें।
2, एलोवेरा, गिलोय, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, लौंग, इलाइची, सोंठ, अदरक, हल्दी, आदि पर निर्भर होंना ही होगा।
3.एन्टी बाइटिक्स और दरद निवारक के चंगुल से खुद को आज़ाद करें।
4.अपने भोजन में पौष्टिक आहार की मात्रा बढ़ानी होगी।
5.फ़ास्ट फ़ूड, पिज़्ज़ा, बर्गर, कोल्ड्रिंक को हमेशा के लिए छोड़ना ही होगा या इन सभ को भूल जाएें तो ही बेहतर होगा क्योंकि अब हम मजबूर है।
6.अपने बर्तनों को बदलना होगा, अल्युमिनियम, स्टील, टेफ़लोन कोटिंग आदि से निजात पानी होगी।
7.हमे भारी बर्तन जैसे पीतल, कांसा, तांबा, लोहा, मिट्टी को अपनाना ही होगा जो प्राकर्तिक रूप से वायरस को खत्म करते हैं।
8.अपने आहार में दूध, दही, घी और फलों की मात्रा बढ़ानी होगी।
9.भूल जाइए जीभ के स्वाद को तला-भुना मसालेदार, मास, मछली और होटलों वाला कचरा।
10.कम से कम अगले 5-7 साल तक तो यह करना ही पड़ेगा, आगे चल कर हो सकता है करोना कभी ना कभी हमारा पीछा छोड़ दे।
नोट करें यह सभ करने के बाद ही हम सरवाइव कर पाएंगे।
अथवा जो इन्सान अपने आप को नही बदल पाऐंगे वह लोग हमेशा के लिऐ धरती से लुप्त हो जाएंगे।
समझदार और व्यवहारिक बने और इस बात को मान कर इन पर अमल करना शुरू कर दें।
जिंदगी आपकी फैसला आपका